Curated by: मोना दीक्षित|नवभारतटाइम्स.कॉम•4 Jul 2026, 1:35 pm IST

अलीबाबा ने एंथ्रोपिक पर लगाया आरोप
- डच पब्लिकेशन Techzine की एक और रिपोर्ट के अनुसार, अलीबाबा ने एंथ्रोपिक पर क्लाउड कोड में बैकडोर डालने का आरोप लगाया है। इससे कंपनी की बेहद जरूरी और गुप्त जानकारियों जैसे यूजर्स का डेटा, पासवर्ड या बिजनेस सीक्रेट्स के चोरी होने या गलत हाथों में जाने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
कंपनी ने नहीं की कोई आधिकारिक घोषणा
- रिपोर्ट (REF.) में यह भी बताया गया है कि इस मैकेनिज्म के बारे में सबसे पहले एक रेडिट (Reddit) यूजर ने बताया था, जिसने दावा किया था कि उसने क्लाउड कोड को रिवर्स इंजीनियर किया है। एंथ्रोपिक ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, क्लाउड कोड टीम के एक सदस्य ने कहा कि इस मैकेनिज्म का मकसद अकाउंट की बिक्री और मॉडल डिस्टिलेशन को रोकना था और वादा किया कि इसे अगले रिलीज में हटा दिया जाएगा।
- रेडिट पोस्ट में आरोप लगाया गया कि क्लाउड कोड में एम्बेडेड स्पाइवेयर शामिल है, जो निगरानी और डेटा सुरक्षा के बारे में डर पैदा करता है।
चीनी कंपनी का पलटवार
बता दें कि जून में अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने चीनी कंपनी अलीबाबा की क्वेन लैब पर एक बड़ा आरोप लगाया था। एंथ्रोपिक का कहना था कि अलीबाबा ने उनके डेटा और कोड की चोरी करने के लिए लगभग 25,000 फर्जी अकाउंट बनाए और करोड़ों बार उनके सिस्टम में छेड़छाड़ की। अब इसके जवाब में, अलीबाबा ने अमेरिकी सॉफ्टवेयर को अपने सिस्टम में ब्लॉक कर दिया है। अलीबाबा के इस कदम को एंथ्रोपिक के खिलाफ एक पलटवार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अमेरिका और चीन की एआई कंपनियों के बीच की लड़ाई अब और ज्यादा बढ़ गई है।
लेखक के बारे मेंमोना दीक्षितमोना दीक्षित टेक्नोलॉजी और गैजेट्स की दुनिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में नवभारतटाइम्स ऑनलाइन के साथ प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में जुड़ी हुई हैं। पिछले 9 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय मोना ने टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बदलते परिदृश्य को बहुत करीब से देखा और कवर किया है। एक टेक जर्नलिस्ट के तौर पर मोना की विशेषज्ञता नए गैजेट्स के रिव्यूज, लॉन्च इवेंट्स और एआई (AI) की दुनिया में हो रहे बदलावों पर है। उनकी पैनी नजर ना केवल लेटेस्ट स्मार्टफोन्स पर रहती है, बल्कि वह ऑडियो डिवाइसेस और वियरेबल्स को भी गहराई से परखती हैं। मोना के पास कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई (AI) इनोवेशन और स्मार्टफोन मार्केट की भी अच्छी समझ है। टेक्नोलॉजी की जटिल चीजों को सरल लाइफ-हैक्स (Tips & Tricks) में बदलने और भविष्य की टेक्नोलॉजी (Future Tech) का सटीक विश्लेषण करने में वह एक्सपर्ट हैं। मोना का मानना है कि तकनीक का असली पैमाना केवल उसके 'स्पेसिफिकेशन्स' नहीं, बल्कि 'यूजर एक्सपीरियंस' है। उनका असली हुनर जटिल तकनीकी शब्दावली को आसान और बोलचाल की भाषा में ढालना है, ताकि एक सामान्य पाठक भी तकनीक का पूरा लाभ उठा सके। उनके लिए तकनीक का अंतिम उद्देश्य जीवन को सरल और बेहतर बनाना है। मोना का असली हुनर मुश्किल तकनीकी जानकारी को आसान और बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि तकनीक का असली मकसद जीवन को सरल बनाना है। मोना ने बैचलर ऑफ साइंस के बाद IMS Noida, मेरठ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (Master of Journalism and Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़ने से पहले वह प्रमुख टेक्नोलॉजी वेबसाइट- टेक्लूसिव (Techlusive) और न्यूजबाइट्स (Newsbytes) में काम कर चुकी हैं।... और पढ़ें
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