
पाकिस्तान को बताया आतंकवाद का पीड़ित
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को आतंकवादियों के हाथों बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, यह अमेरिका का दोहरापन ही है जो आतंकवाद की फैक्ट्री के नाम से कुख्यात पाकिस्तान को आतंकवाद का पीड़ित कह रहा है। ध्यान देने वाली बात है कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल तनाव के दौरान कश्मीर में आतंकवाद पर चुप्पी साधते हुए इसे दोनों देशों के बीच सैकड़ों साल पुराना विवाद बता दिया था। जबकि भारत पूरी दुनिया के सामने कश्मीर में आतंकवाद फैलाने को लेकर पाकिस्तान को बेनकाब कर चुका है।बीते सप्ताह पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए थे। संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को बताया कि इन हमलों में कम से के 28 अफगान नागरिक मारे गए हैं, जबकि करीब 50 लोग घायल हुए हैं। वहीं, तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तानी इलाके में हवाई हमले किए। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा कि उसकी सेना ने बलूचिस्तान के दक्षिणी इलाके में चार ड्रोन को मार गिराया।
ट्रंप प्रशासन का पाकिस्तान को खुला समर्थन
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान को अमेरिका से खूब समर्थन मिल रहा है। परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान, अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी है। ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के तनाव को सुलझाने की कोशिश में पाकिस्तान मध्यस्थ बनकर सामने आया है। पाकिस्तान ने काबुल की तालिबान सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अफगान जमीन पर पाकिस्तान विरोधी चरमपंथियों को जगह दे रही है। पाकिस्तान का कहना है कि ये आतंकवादी पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचते हैं। अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है। उनका कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की अंदरूनी समस्या है और पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नाकामियों का दोष दूसरों पर मढ़ रहा है।

लेखक के बारे मेंविवेक सिंहविवेक सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे नवभारत टाइम्स के दुनिया (World) सेक्शन को कवर करते हैं। पत्रकारिता में उनका 12 वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने डिजिटल, टीवी और वीडियो ऐप पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। विवेक सिंह मार्च 2023 में नवभारत टाइम्स, डिजिटल से जुड़े। इस दौरान उन्होंने इजरायल-हमास युद्ध, इजरायल-ईरान और इजरायल-हिजबुल्ला संघर्ष, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव, अफगान तालिबान-पाकिस्तान तनाव और बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ छात्र विद्रोह जैसे वैश्विक घटनाक्रम का व्यापक कवरेज किया है। वैश्विक राजनीतिक या कूटनीतिक घटनाक्रम पर तेज और गहराई से खबरों को प्रस्तुत करना और उसके भारत पर असर के बारे में पाठकों को सूचना देना पहली प्राथमिकता रहती है। विशेषज्ञता- दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के घटनाक्रम, मध्य पूर्व के मामलों के साथ ही वैश्विक तनाव और घटनाओं का भारत पर होने असर के बारे में विश्लेषण प्रस्तुत करना। पत्रकारिता अनुभव- डिजिटल और टीवी में 12 साल का अनुभव विवेक सिंह ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ साल 2013 में देहरादून से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद हैदराबाद में न्यूज 18 यूपी/उत्तराखंड के साथ जुड़कर टीवी न्यूज की आउटपुट डेस्क में काम किया। बेंगलुरु में रहकर डिजिटल स्टार्टअप आवाज न्यूज वीडियो एप की फाउंडिंग टीम का हिस्सा बने और उसे लीड किया। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, एबीपी न्यूज के साथ काम किया।... और पढ़ें


