हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पहाड़ से खाई में गिरी बस
  • बस में सवार 48 लोगों में से 40 की मौत, 8 गंभीर
  • बस की रफ्तार काफी तेज थी और काफी भीड़ थी
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में तेज रफ्तार बस के खाई में गिरने से 40 लोगों की मौत।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक तेज रफ्तार बस के पहाड़ से खाई में गिरने से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है। डॉन ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि शुक्रवार को बलूचिस्तान के शेरानी जिले के धनासर इलाके से निकलकर खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान की सीमा में दाखिल होते ही पेशावर जा रही एक यात्री बस खाई में गिर गई। इस हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए हैं।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया और राजनीतिक मामलों के सलाहकार शाहिद रिंद के एक बयान में कहा गया है 'शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में 40 लोगों की मौत हुई है और आठ अन्य घायल हुए हैं।" बयान में यह भी कहा गया कि बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के निर्देश पर घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

पाकिस्तान में हुए बस हादसे में 40 की मौत

बलूचिस्तान सरकार के बयान में कहा गया है कि दोनों प्रांतों का जिला प्रशासन, बचाव दल और अन्य संबंधित विभाग प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि घटना की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। इससे पहले शेरानी के डिप्टी कमिश्नर वली खान काकर ने डॉन को घटना की जगह और अन्य विवरणों की पुष्टि करते हुए बताया कि बस 36 यात्रियों के साथ क्वेटा से निकली थी लेकिन रास्ते में एक और खराब हुई दूसरी बस से कई लोग इसमें सवार हो गये।

अधिकारियों ने डॉन को बताया है कि बस में 48 लोग सवार थे जिनमें 40 लोगों की मौत हो गई है और 8 लोग गंभीर घायल हैं। आठ घायलों को झोब के ज़िला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है जबकि शवों को पहले पास के एक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। रेस्क्यू 1122 के बयान के अनुसार बाद में शवों को झोब DHQ भेज दिया गया।

अभिजात शेखर आजाद

लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में इंटरनेशनल अफेयर्स, डिफेंस जर्नलिस्ट हैं। उनके पास अलग अलग न्यूज चैनलों और डिजिटल पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने इन वर्षों में 3 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, मिडिल ईस्ट, अफगानिस्तान युद्ध, ISIS के खिलाफ संघर्ष, भारत पाकिस्तान संघर्ष जैसे अहम अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है। अभिजात शेखर आजाद वैश्विक राजनीति का विश्लेषण करते हैं और भारत पर उसका क्या असर होगा, इसका एनालिसिस करते हुए विश्लेषणात्मक स्टोरी लिखते हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल डिफेंस सेक्टर पर उनकी खास नजर होती है। हथियारों की खरीद बिक्री, अंतर्राष्ट्रीय हथियार व्यापार पर वो करीबी नजर रखते हैं। रक्षा जगत में अंदरूनी पहुंच होने की वजह से डिफेंस मामलों पर उनकी सटीक खबरों का काफी प्रभाव है। विशेषज्ञता- इंटरनेशनल डिप्लोमेसी के साथ साथ डिफेंस सेक्टर की खबरों के विश्लेषण में अच्छी पकड़। भारतीय वायुसेना और नौसेना और डिफेंस इंटेलिजेंस में पैठ। जियो-पॉलिटिक्स को लेकर अभिजात शेखर आजाद के अनुमान अकसर सही साबित होते हैं। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं। राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख। पत्रकारिता अनुभव: अभिजात शेखर आजाद के पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। उन्होंने 2009 से पत्रकारिता में अपना कैरियर शुरू किया था और उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ बनाई। उन्होंने समाचार प्लस और ज़ी मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातक किया है। पुरस्कार: अभिजात को ज़ी मीडिया में बेहतरीन लेखन के लिए 'बेस्ट राइटर' अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें दो बार ENBA अवार्ड भी मिला है। अभिजात के खास इंटरव्यू: अभिजात शेखर आजाद का 'बॉर्डर-डिफेंस' नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू आता है, जिसमें वो सैन्य अधिकारियों और डिप्लोमेट्स से बात करते हैं। उन्होंने कई बड़े चेहरे जैसे DRDO के वैज्ञानिक और ब्रह्मोस मिसाइल बनाने वाले वैज्ञानिक अतुल दिनकर राणे, डीआरडीओ वैज्ञानिक हरि बाबू चौरसिया, भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ वेद मलिक, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, लेफ्टिनेंट जनरल संजय वर्मा, एयर मार्शल रवि कपूर, एयर फोर्स अधिकारी विजयेन्द्र के ठाकुर, फाइटर पायलट आरके नारंग, डिप्लोमेट एसडी मुनि, डिप्लोमेट सी उदय भाष्कर, डिप्लोमेट अनिल त्रिगुणायत, डिप्लोमेस रोबिंदर सचदेव, नौसेना कैप्टन श्याम कुमार समेत कई एयरफोर्स और नौसेना अधिकारियों का इंटरव्यू ले चुके हैं।... और पढ़ें