
भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) पर हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के एकतरफा निर्णय को जिस तरह से ठुकराया है, अफगानिस्तान की जनता उसकी मुरीद बन चुकी है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस वक्त जबरदस्त दुश्मनी चल रही है और सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान के लोग यही लिख रहे हैं कि पाकिस्तान जितना भी रोए, भारत को सिंधु का पानी रोके ही रखना चाहिए।
'प्रिय भारत, सिंधु जल को निलंबित रखिए'
इसी कड़ी में अफगानिस्तान में जीवन, न्याय, शिक्षा, समानता, स्वतंत्रता, एकता, प्रगति और शांति को प्रमोट करने वाले फजल अफगान नाम के एक एक्स हैंडल ने लिखा है-![]()
प्रिय भारत, सिंधु जल को निलंबित रखिए। टीम 93 हजार को रोने दें। आतंकवाद और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते।
फजल अफगान, अफगानी नागरिक
पीओके में पाकिस्तानी फौज का बांग्लादेश वाला हाल!
इसी हैंडल ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एक बड़ी भीड़ के बीच कुछ फौजियों की पतलून हवा में लहराते दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoK) का है, जहां इन दिनों जनता पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जान पर खेलकर आवाज उठा रही है।'टीम 93 हजार की पैंट उतरना स्थायी है'
इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, 'सब कुछ अस्थायी है, लेकिन टीम 93 हजार की पैंट उतारने का समारोह ही स्थायी है। फजल अफगान, अफगानी नागरिक'93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने किया था सरेंडर
दरअसल, 16 दिसंबर 1971 को पूर्व पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) भारतीय सेना के सामने 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर कर दिया था। ढाका के रेस कोर्स मैदान में पाकिस्तान के तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी ने भारत के लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण के दस्तावेजों पर दस्तखत किए थे। कहते हैं कि सरेंडर के दौरान 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को अपनी पतलूनें उतारनी पड़ी थी।सिंधु जल संधि की बहाली के लिए गिड़गिड़ा रहा
बता दें कि सिंधु जल संधि पर भारत के ताजा स्टैंड ने पाकिस्तान की नींदें उड़ा दी हैं। अबतक वह सोच रहा था कि दुनिया भर में उसके माई-बाप भारत पर दबाव डालकर उसे संकट से बचा लेंगे। लेकिन, जब ऐसा होता नहीं दिख रहा है तो गर्मी के मौसम में उसे पानी की किल्लत का डर सताने लगा है। इस्लामाबाद में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर हाय-तोबा की गई है। पाकिस्तान कह रहा है कि अगर सिंधु जल संधि बहाल नहीं की गई तो 'कागज पर मौजूद' पूरी वैश्विक व्यवस्था ढह जाएगी।
लेखक के बारे मेंअंजन कुमारअंजन कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं और पिछले 24 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। अंजन अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े और बीते 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में राजनीति,चुनाव, जुडिशरी, डिफेंस, विदेश,करेंट अफेयर्स और बिजनेस जैसे विषयों पर लिख रहे हैं। डिजिटल मीडिया से जुड़ने के शुरुआती वर्षों में ये देश की एक टॉप लीडरशिप के आधिकारिक और राजनीतिक भाषणों और उनके पुस्तकों के संपादन कार्यों में भी योगदान दे चुके हैं। इन्होंने करियर का आरंभ टेलीविजन पत्रकारिता से किया और 14 वर्षों तक विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों में सेवाएं दीं। इस कार्यकाल में इन्होंने सहारा समय नेशनल न्यूज चैनल पर 2006 में कन्या भ्रूण हत्या पर किए गए एक ऐतिहासिक स्टिंग ऑपरेशन पर बने'कोख में कत्ल' प्रोग्राम सीरीज को प्रोड्यूस किया, जो उन दिनों भारतीय संसद में भी छाया रहा। यहीं पर इन्होंने अगले ही साल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर न्यूज सीरीज बनाए, जिसकी देश की मीडिया में काफी चर्चा हुई। आगे के वर्षों में इसी चैनल पर 'मुर्दा, मवेशी, माफिया' प्रोग्राम सीरिज को भी पेश किया, जो दिल्ली-एनसीआर में मरे हुए मवेशियों का मांस बेचने वाली माफिया के खतरनाक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित था। ये 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2004 के आम चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव तक को टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कवर कर चुके हैं।... और पढ़ें


