gemini computer use feature
अब तक यह सुविधा अलग AI मॉडल में मिलती थी, लेकिन अब इसे सीधे Gemini 3.5 Flash का हिस्सा बना दिया गया है।
कभी सोचा है कि AI सिर्फ सवालों के जवाब देने की जगह आपके कंप्यूटर पर खुद काम भी करे। Google ने इसी दिशा में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने अपने AI मॉडल Gemini 3.5 Flash में Computer Use नाम का फीचर जोड़ा है। इसकी मदद से AI सिर्फ सलाह नहीं देगा, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन देखकर खुद कई काम भी कर सकेगा। अब तक यह सुविधा अलग AI मॉडल में मिलती थी, लेकिन अब इसे सीधे Gemini 3.5 Flash का हिस्सा बना दिया गया है। इसका मतलब है कि डिवेलपर्स को अलग-अलग मॉडल इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे एक ही AI से कई तरह के काम करा सकेंगे।

आपके लिए अलग-अलग वेबसाइटों से जुटाएगा जानकारी

जैसे, अगर किसी वेबसाइट पर फॉर्म भरना हो, अलग-अलग वेबसाइटों पर जानकारी ढूंढनी हो, किसी ऑनलाइन डैशबोर्ड में जाकर डेटा निकालना हो या कंप्यूटर पर कई स्टेप वाले काम पूरे करने हों, तो Computer Use फीचर स्क्रीन को देखकर, बटन पहचानकर, क्लिक करके और टाइप करके यह काम कर सकता है। यह फीचर ब्राउजर के साथ ही मोबाइल और डेस्कटॉप ऐप्स पर भी काम कर सकता है। मान लीजिए, आपको दिल्ली से लंदन की सबसे सस्ती फ्लाइट ढूंढनी है। पहले आपको कई वेबसाइट खोलकर तारीख डालनी पड़ती थी और किरायों की तुलना करनी पड़ती थी। अब Gemini का नया फीचर अलग-अलग वेबसाइटों पर जाकर खुद यह जानकारी जुटा सकता है और सबसे अच्छे विकल्प आपके सामने रख सकता है।

गूगल ने बताया, कहां इस्तेमाल होगा नया फीचर

Google का कहना है कि यह फीचर खास तौर पर ऐसे AI एजेंट बनाने में मदद करेगा जो लंबे और जटिल काम अपने आप पूरे कर सकें। फिलहाल यह सुविधा डिवेलपर्स और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए Gemini API और Gemini Enterprise Agent Platform के जरिए उपलब्ध कराई गई है।

इसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, ऑफिस के रोजमर्रा के काम, रिसर्च और एंटरप्राइज ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा। - गूगल


सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए गए हैं?

  • हमेशा से एक्सपर्ट चिंता जताते रहे हैं कि AI को पर्सनल कंप्यूटर चलाने की खुली छूट देना गंभीर खतरे को न्योता देने की तरह है।
  • अगर AI किसी गलत निर्देश का पालन कर ले या किसी फर्जी वेबसाइट के जाल में फंस जाए, तो नुकसान हो सकता है।
  • इसे देखते हुए Google ने कई सुरक्षा इंतजाम भी किए हैं। कंपनियां चाहें तो ऐसा सिस्टम लगा सकती हैं, जिसमें कोई भी संवेदनशील या हमेशा के लिए असर डालने वाला काम करने से पहले गूगल के इस फीचर को इंसान से अनुमति लेनी होगी।
  • अगर AI को किसी संदिग्ध या छिपे हुए निर्देश का पता चलता है, तो वह काम अपने आप रोक भी देगा। हालांकि अभी सलाह दी गई है कि इंसानी निगरानी में ही इस फीचर का इस्तेमाल करना सही होगा।
प्रदीप तिवारी

लेखक के बारे मेंप्रदीप तिवारीप्रदीप तिवारी नवभारत टाइम्स, दिल्ली में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। पत्रकारिता में 12 साल से अधिक अनुभव के साथ वह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की दुनिया को सरल और रोचक अंदाज में पेश करते हैं। प्रदीप एक्सप्लेनर राइटिंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और AI इमेज-विडियो जेनरेशन में माहिर हैं।... और पढ़ें

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