Wasseypur gangster Prince Khan
धनबाद में भगोड़े प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर(फोटो- नवभारतटाइम्स.कॉम)
धनबादः पाकिस्तान में छिपे बैठे वासेपुर के प्रिंस खान को विधायक को धमकी देना भारी पड़ गया है। धनबाद पुलिस ने फरार अपराधी के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर प्रिंस खान के आवास पर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई और विधि सम्मत प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ।

पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून से भागने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी दृढ़ता और कठोरता के साथ जारी रहेगा। शुक्रवार को गैंगेस्टर प्रिंस खान ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को फोन कर रंगदारी मांगी और धमकी भरा ऑडियो मैसेज भेजा था। इसकी शिकायत विधायक ने SAP से की थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है ।

पैसा नहीं दिया तो सीधा रिजल्ट देखोगे


निरसा के भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी को गैंगस्टर प्रिंस खान की ओर से फोन, ऑडियो और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए धमकी मिली थी। व्हाट्सएप पर एक रिकॉर्डेड मैसेज भेजा गया, जिसमें धमकियां दी गई हैं। इसमें कहा गया है कि प्रशासन को बोल दो, नंबर ब्लॉक कर दो, लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। साफ-साफ बता दो, पैसा दोगे या नहीं। नहीं दोगे तो दोबारा फोन नहीं करेंगे, सीधा रिजल्ट देंगे। मैनेज करो, बात खत्म करो।

प्रिंस खान के आवास पर पहले भी सात बार कुर्की जब्ती की कार्रवाई


इस बार प्रिंस खान का मकान ध्वस्त करने के लिए पुलिस एक जेसीबी साथ लेकर आयी है। प्रिंस खान के आवास में इससे पहले सात बार कुर्की जब्ती की जा चुकी है। जिसको लेकर उसके आवास में सिर्फ दीवार ही बची है। इस कार्य के लिए काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों के अनुसार और पुलिस कार्रवाई नीरस विधायक अरूप चटर्जी को दी गई धमकी के बाद शुरू हुई है। को लेकर ही हो रही है। पुलिस के अनुसार घर तोड़ने की कार्रवाई न्यायालय का आदेश पर हो रही है।
रवि सिन्हा

लेखक के बारे मेंरवि सिन्हारवि प्रकाश सिन्हा नवभारत टाइम्स डिजिटल (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस हैं। वर्तमान में झारखंड और बिहार की टीम में शामिल है। रवि प्रकाश सिन्हा सितंबर, 2022 में नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। वह एनबीटी डिजिटल में बिहार और झारखंड से संबंधित सेक्शन में तथ्य आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं जिससे रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंच सकें। रवि प्रकाश सिन्हा की प्राथमिकता झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों को बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने की रही है। दोनों राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 25 साल के करियर में रवि प्रकाश सिन्हा को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला। रवि प्रकाश सिन्हा ने अक्टूबर 2000 में भोपाल में न्यूज़ एजेंसी ईएमएस से पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर की शुरुआत की। एक साल बाद उन्होंने ईएमएस के रांची प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, जेएमएम, आरजेडी और विभिन्न राजनीतिक दल, झारखंड सचिवालय, सीएम, मंत्रियों और विधानसभा रिपोर्टिंग से लेकर तमाम छोटी-बड़ी और स्पेशल खबरों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। इस दौरान झारखंड की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। रवि प्रकाश सिन्हा के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही- आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना। अपने दो दशक के लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित इन डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरीफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए हमेशा ऑथेंटिक सोच पर ही भरोसा करते हैं। झारखंड के छोटे से शहर चतरा में जन्मे और पले-बढ़े रवि प्रकाश सिन्हा ने बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से B.A. और M.A. की डिग्री हासिल की। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पीजीडीएनएम में एक साल का डिप्लोमा किया। इसके बाद रिपोर्टिंग करते हुए रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी की डिग्री हासिल की। पत्रकारिता जगत में 25 साल का अनुभव रवि प्रकाश सिन्हा प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत है। पिछले 25 साल में रवि प्रकाश सिन्हा को कई प्रतिष्ठित अखबारों में अपना स्किल दिखाने का मौका मिला। न्यूज एजेंसी यूएनआई के हिन्दी सर्विस यूनीवार्ता के लिए अप्रैल 2004 से दिसंबर 2005 तक रांची में रिपोर्टिंग करने का अवसर भी मिला। दूरदर्शन रांची और आकाशवाणी केंद्र के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक सहायक संपादक के रूप में 17 साल का काम करने का अनुभव है। राजस्थान पत्रिका में दिसंबर 2005 से लेकर अप्रैल 2020 तक झारखंड प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का मौका मिला। इसके बाद जून 2020 से अगस्त 2022 तक एनबीटी डिजिटल के लिए रांची से रिपोर्टर के रूप में भी काम करने का मौका मिला। इससे पहले उन्होंने करियर की शुरुआत न्यूज एजेंसी एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (ईएमएस) के साथ की। रांची एक्सप्रेस, आज, देशप्राण, आवाज, बिहार ऑब्जर्वर, प्रत्यूष नवबिहार, नव प्रदेश, दबंद हिंद, राष्ट्रीय खबर हमारी नजर, फ्रीडम फाइटर, पंच, मेट्रो रेज, श्वेत पत्र, उत्कल मेल, कोयलांचल संवाद, राष्ट्रीय सागर, राष्ट्रीय नवीन मेल, झारखंड जागरण, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल, संताल एक्सप्रेस, कौमी तंजीम, फारुकी तंजीम, जम्हूरियत टाइम्स, सियासी उफुक, जदीद भारत समेत कई अन्य हिन्दी और उर्दू अन्य समाचार पत्रों और वेबपोर्टल के लिए लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से लेखन। पत्रकारिता की शुरुआत के बाद 2001 से झारखंड की राजधानी रांची कर्म स्थल। सामाजिक और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि। पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन और चाहत। पुस्तक लेखन झारखंड विधानसभा, रांची के सहयोग से बिहार-झारखंड के सांसदों की जीवनी से संबंधित दो पुस्तकों (संसदीय राजनीतिक कोश, भाग-1 और भाग-2)के लेखन में समन्वयक की भूमिका स्पेशल कवरेज 2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009, 2014, 2019 और 2024 के झारखंड विधानसभा और लोकसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज। 2024 में बिहार लोकसभा चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।... और पढ़ें