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मुख्य बातें

  • आज 3 जुलाई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों HPCL, IOCL और भारत पेट्रोलियम ने पेट्रोल-डीजल के रेट अपडेट कर दी हैं
  • पुरी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारत में दूसरे देशों के मुकाबले पेट्रोल और डीजल के दाम बहुत कम बढ़े हैं
  • भारत में भी तेल के दाम कम होंगे, लेकिन…
मंत्री जी ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल के दाम…', आज HPCL, IOCL और भारत पेट्रोलियम ने जारी कर दिए रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बाद पड़ोसी देशों ने पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से घटाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, भारत में तेल के दाम अभी स्थिर हैं। जबकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है। इस बीच रोजाना की तरह आज 3 जुलाई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों HPCL, IOCL और भारत पेट्रोलियम ने पेट्रोल-डीजल के रेट अपडेट कर दी हैं। मायूसी की बात यह है कि आज भी फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि, ब्रेंट क्रूड और सस्ता होकर 71.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक दिन पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगले कुछ माह तक कच्चे तेल की कीमत निचले स्तर पर बनी रहती है, तो यह एक उचित सवाल होगा।

जब कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं तो क्यों नहीं कम हो रहे पेट्रोल-डीजल के रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम हुई है, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां अब भी उस कच्चे तेल को रिफाइन कर रही है, जिसे पश्चिम एशिया संकट के चरम पर होने के दौरान खरीदा गया था।

New Delhi, Jul 02 (ANI): Union Minister for Petroleum and Natural Gas Hardeep Singh Puri addresses a press conference, in New Delhi on Thursday. (ANI Video Grab)

हरदीप पुरी ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां रिफाइनरी के लिए कम से कम दो महीने पहले कच्चा तेल पहले खरीदती हैं। ऐसे में वर्तमान में रिफाइनरी में जिस कच्चे तेल से पेट्रोल और डीजल तैयार किए जा रहे हैं, वह अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था। उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत काफी ज्यादा थी। वित्त वर्ष के पहली तिमाही में कंपनियों को 74,781 करोड़ का नुकसान हुआ है।

दूसरे देशों के मुकाबले भारत में बहुत कम बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

पुरी का दावा है कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारत में दूसरे देशों के मुकाबले पेट्रोल और डीजल के दाम बहुत कम बढ़े हैं। जून 2022 से जून 2026 तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2022 में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपए प्रति लीटर थी, जबकि जून 26 में दाम 102.12 रुपए प्रति लीटर है। यानी पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 5.58 फीसदी का इजाफा हुआ है। पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम में 39.77 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

A fuel attendant works at a Lukoil petrol pump in Moscow, Russia, July 1, 2026. REUTERS/Ramil Sitdikov

इस अवधि के दौरान फ्रांस में पेट्रोल की कीमत 17.74, जर्मनी में 19.05 और इटली में 18.59 प्रतिशत बढ़े हैं। यानी विकसित देशों में पेट्रोल के दाम में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पड़ोसी देशों में बढ़ोतरी लगभग 35 फीसदी रही है। इसके साथ उन्होंने दावा किया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान सप्लाई पूरी तरह सामान्य रही।

आज क्या हैं सरकारी पंपों पर पेट्रोल-डीजल के रेट?

दिल्ली: पेट्रोल 102.12 और डीजल 95.20 रुपये लीटर

भोपाल: पेट्रोल 114.65 रुपये और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर

पटना: पेट्रोल 112.70 रुपये और डीजल 99.87 रुपये लीटर

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर

इंदौर: पेट्रोल 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये लीटर

अयोध्या: पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर

कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये लीटर

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये लीटर

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर

मुंबई: पेट्रोल 111.21 और डीजल 97.83 रुपये लीटर

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें