प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने खरखौदा में मारुति सुजुकी प्लांट का उद्घाटन किया, जो 35 हजार करोड़ के निवेश से दुनिया की सब ...और पढ़ें

पीएम नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने आईएमटी खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी प्लांट का किया उद्घाटन किया। फोटो: जागरण

पीएम नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने आईएमटी खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी प्लांट का किया उद्घाटन किया। फोटो: जागरण

HighLights

  1. पीएम मोदी ने खरखौदा मारुति प्लांट का उद्घाटन किया

  2. 35 हजार करोड़ निवेश से 10 लाख वाहन उत्पादन क्षमता

  3. 21 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे

हरीश भौरिया, खरखौदा। हरियाणा ने वैश्विक ऑटोमोबाइल हब बनने की दिशा में बृहस्पतिवार को एक और बड़ा कदम बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने आइएमटी खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी के प्लांट उद्घाटन किया।

नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन एवं इंडिया-जापान ज्वॉइंट इकोनाॅमिक फोरम के दौरान वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईएमटी खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी के प्लांट की शुरुआत हुई।

यह संयंत्र न केवल भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी का नया प्रतीक बनेगा, बल्कि हरियाणा को वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

करीब 800 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र में एकीकृत सप्लायर पार्क भी बनाया गया है, जहां ऑटोमोबाइल कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियां भी स्थापित की गई हैं।

maruti plan

मारुति सुजुकी इस परियोजना पर चरणबद्ध तरीके से 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वर्तमान में संयंत्र की उत्पादन क्षमता पांच लाख वाहन प्रतिवर्ष है, इस भारी भरकम निवेश के बाद उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा।

इसके बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माण इकाइयों में शामिल होगा। इस परियोजना से सप्लायर नेटवर्क सहित 21 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

इसके अलावा हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी परिवहन, लाजिस्टिक्स, हास्पिटेलिटी और सहायक उद्योगों में पैदा होंगे। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता भी बढ़कर 40 लाख वाहन प्रतिवर्ष तक पहुंचने की दिशा में यह संयंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक व पर्यावरण संरक्षण का मेल है यह प्लांट

खरखौदा संयंत्र को अत्याधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया गया है। यह 'सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री' की अवधारणा पर आधारित इंडस्ट्री 5.0 सक्षम विनिर्माण प्रणाली से लैस होगा।

यह फैसिलिटी आधुनिक डिजिटल टेक्नोलाजी का लाभ उठाती है, जिससे सभी कामकाजों की रियल-टाइम निगरानी हो पाती है। इससे सुरक्षा, क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी में सुधार होता है, साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के दौरान ऊर्जा की कम-से-कम खपत होती है।

maruti plant

मानव-सहयोगी रोबोट का किया जाएगा उपयोग

उत्पादन प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मानव-सहयोगी रोबोट (कोबोट) का उपयोग किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संयंत्र में 100 प्रतिशत नवीकरणीय बिजली का उपयोग किया जाएगा।

इसके अलावा शून्य तरल अपशिष्ट (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) प्रणाली, 100 प्रतिशत जल पुनर्चक्रण और हरित विनिर्माण की आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बायोगैस संयंत्र भी शुरू किया जाएगा।

कंपनी का इन-हाउस सौर ऊर्जा संयंत्र पूरी क्षमता पर 70 मेगावाट पीक बिजली उत्पादन करने में सक्षम होगा। वहीं हरित लाजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए संयंत्र परिसर में रेलवे साइडिंग भी विकसित की जाएगी।

मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड को गति

मारुति सुजुकी का यह संयंत्र केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे 'मेक इन इंडिया, मेक फाॅर द वर्ल्ड' अभियान को नई गति मिलने के साथ सोनीपत और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

खरखौदा को मिली विश्वस्तरीय पहचान 

खरखौदा कभी मुख्य रूप से एक कृषि क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन मारुति सुजुकी ने इसकी पहचान को नई दिशा दी है। आज खरखौदा राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

प्लांट की स्थापना के बाद यहां हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बने हैं। साथ ही आटो एंसिलरी उद्योगों, लाजिस्टिक्स, परिवहन, होटल, रियल एस्टेट और छोटे कारोबारों को भी नई गति मिलती दिखाई दे रही है।

निवेशकों का भरोसा बढ़ने से क्षेत्र में नया बदलाव आने लगा है, इससे स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर मारुति ने खरखौदा को विश्व स्तरीय पहचान, औद्योगिक विकास की नई रफ्तार और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव प्रदान की है।