स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दिनों चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डायबिटीज के रोगियों की पहचान की जा रही है। आम दिनों में मामूली सर्दी, खांसी, जुकाम या बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की जांच में डायबिटीज के नए मामले सामने आ रहे हैं।


इनमें से अधिकांश मरीजों में पहले से डायबिटीज के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिख रहे थे। एनसीडी क्लीनिक के नोडल एवं एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि एनसीडी क्लीनिक द्वारा जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, 10 सीएचसी और 40 पीएचसी के साथ फील्ड में भी शिविर लगाए जा रहे हैं।

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इनमें शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर, एनीमिया सहित अन्य बीमारियों की जांच कर मरीजों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के 1,07,392 लोगों की जांच की गई है।

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इनमें 518 नए हाई ब्लड प्रेशर के मरीज और 108 नए डायबिटीज के मरीज मिले हैं, जबकि दो हजार से अधिक लोग प्री-डायबिटिक श्रेणी में पाए गए हैं।


उन्होंने बताया कि मिले 518 नए हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में लगभग 60 प्रतिशत ऐसे थे, जिनकी तबीयत थोड़ी खराब होने पर रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट किया गया। जांच में उनका शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया और उन्हें पहले से इस बीमारी की जानकारी नहीं थी।


जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव और खराब खान-पान के कारण लोग ''साइलेंट किलर'' कही जाने वाली डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं।


विभाग का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से शुरुआती चरण में ही मरीजों की पहचान करना है, ताकि समय पर दवा और उचित परामर्श देकर भविष्य में होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सके।


उन्होंने बताया कि ओपीडी में जांच के बाद एनसीडी क्लीनिक में स्क्रीनिंग कर मरीजों को आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


ऐसे कर सकते हैं बचाव


शुगर से बचाव स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और खान-पान में बदलाव करके किया जा सकता है। इसके लिए चीनी और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। साथ ही कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयों और अत्यधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।


अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें। साथ ही ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट टहलें, योग करें या कोई अन्य शारीरिक गतिविधि अपनाएं।


शुगर की पहचान


डॉ. बीके यादव ने बताया कि मधुमेह होने पर शरीर कुछ स्पष्ट संकेत देने लगता है। इसमें अधिक प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि रक्त में शुगर बढ़ने पर किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अधिक पानी खींचती है। ऐसे में शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा के लिए शुगर (ग्लूकोज) का उपयोग नहीं कर पातीं, जिससे लगातार कमजोरी महसूस होती है।


इसके अलावा, प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) कमजोर होने के कारण छोटी-सी खरोंच या कटने का घाव भी भरने में अधिक समय लगता है। ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों के लेंस में तरल पदार्थ का संतुलन बदल जाता है, जिससे देखने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बार-बार त्वचा में खुजली या संक्रमण होना भी शुगर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।